
PM Kisan Yojana 9000 Big Update 2026:- देश और राज्य सरकारें समय-समय पर किसानों के हित में नई योजनाएं और आर्थिक सहायता से जुड़ी घोषणाएं करती रहती हैं। इसी क्रम में बिहार के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिन किसानों को अब तक सालाना ₹6000 की सहायता राशि मिलती थी, उन्हें आने वाले समय में इससे अधिक लाभ मिलने वाला है। बिहार सरकार ने बजट 2026 के दौरान किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहयोग देने का ऐलान किया है, जिससे राज्य के लाखों किसानों को सीधा फायदा होगा।
हालांकि, जहां एक ओर यह खबर किसानों के लिए खुशखबरी लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान योजना से जुड़े नियमों में किए गए बदलावों ने कई किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। नए नियमों के तहत फार्मर आईडी, जमीन की जमाबंदी, लगान रसीद और किसान रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में वे किसान जिनकी जमीन अब भी उनके पूर्वजों के नाम पर दर्ज है, उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इस लेख में हम आपको बिहार बजट 2026 में किसानों के लिए की गई घोषणाओं, पीएम किसान सम्मान निधि योजना में मिलने वाली अतिरिक्त राशि, फार्मर आईडी से जुड़े नए नियम, परिमार्जन प्रक्रिया और आगे क्या बदलाव संभव हैं इन सभी विषयों पर विस्तार से और सरल भाषा में जानकारी देंगे, ताकि किसान भाई सही समय पर सही निर्णय ले सकें।
PM Kisan Yojana 2026: बिहार बजट 2026 में किसानों को बड़ा तोहफा
बिहार बजट 2026 में राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बजट पेश करते हुए यह स्पष्ट किया कि राज्य के उन सभी किसानों को, जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं, अब अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें खेती से जुड़े बढ़ते खर्चों में राहत देना है।
बजट के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली ₹6000 की वार्षिक सहायता के अलावा राज्य सरकार किसानों को ₹3000 अतिरिक्त प्रदान करेगी। इस प्रकार पात्र किसानों को अब कुल ₹9000 की सहायता राशि प्राप्त होगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था न हो।
सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त सहायता से किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह निर्णय बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। बिहार बजट 2026 में की गई यह घोषणा राज्य सरकार की किसान-हितैषी सोच को दर्शाती है और आने वाले समय में इसका सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर देखने को मिल सकता है।
PM Kisan Yojana 9000 Big Update 2026 क्या यह खबर सही है या फर्जी?
यह खबर पूरी तरह से सत्य और प्रमाणिक है, न कि कोई अफवाह या फेक न्यूज। बिहार सरकार की ओर से बजट 2026 में किसानों के लिए जो अनुदान की घोषणा की गई है, वह आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और इसे आसानी से विश्वसनीय समाचार स्रोतों में भी देखा जा सकता है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पहले से मिल रहे ₹6000 के अलावा राज्य सरकार द्वारा ₹3000 अतिरिक्त देने की बात कही गई है, जिससे किसानों को अब कुल ₹9000 मिल सकेगा।
हालांकि योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं, जैसे फार्मर आईडी, जमीन की जमाबंदी और रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में कुछ बदलावों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं आया है, लेकिन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सहायता राशि देने का निर्णय वास्तविक है, और इसे सरकारी घोषणाओं तथा बजट दस्तावेजों में देखा जा सकता है। आप भी इसे अपने स्थानीय समाचार चैनलों, सरकारी पोर्टल या प्रतिष्ठित समाचार वेबसाइटों पर पुष्टि करके देख सकते हैं।
केंद्र सरकार के नियमों में हुआ बदलाव
पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी हाल की अपडेट में केंद्र सरकार ने कुछ नियमों में बदलाव किए हैं। अब लाभ पाने के लिए किसान को फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा यह स्पष्ट किया गया है कि केवल वही किसान योजना का लाभ ले पाएंगे जिनके नाम पर जमाबंदी (भूमि रिकॉर्ड) दर्ज है और जिनके नाम से लागान रसीद कटती है।
पहले कई ऐसे लोगों को भी योजना का लाभ मिल रहा था जिनके नाम पर जमीन नहीं थी बल्कि उनके पिता, दादा या पूर्वजों के नाम पर जमीन थी। नए नियम के तहत ऐसे मामलों में रजिस्ट्रेशन में दिक्कतें आ रही हैं।
इसलिए केंद्र सरकार ने किसानों से कहा है कि वे अपनी जमीन को जमाबंदी के तहत अपने नाम पर कराएं और फार्मर आईडी बनवाएं ताकि योजना का लाभ निरंतर मिल सके। फिलहाल इस नियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है, लेकिन यह बदलाव किसानों के लिए योजना की पात्रता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य हिस्सा बन गया है।
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फार्मर आईडी और जमीन से जुड़ी नई शर्तें
केंद्र सरकार द्वारा किए गए नियमों में बदलाव के बाद अब पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही जमीन से जुड़ी कुछ नई शर्तें भी लागू की गई हैं। अब केवल वही किसान फार्मर आईडी के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिनके नाम पर जमीन की जमाबंदी दर्ज है और जिनके नाम से लगान रसीद कटती है।
पहले कई किसान ऐसे थे, जिनकी जमीन उनके पिता, दादा या अन्य पूर्वजों के नाम पर थी, लेकिन फिर भी उन्हें योजना का लाभ मिल रहा था। नए नियमों के तहत ऐसे किसानों को रजिस्ट्रेशन में परेशानी हो रही है।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक ही पहुंचे। इसलिए जिन किसानों की जमीन अभी भी पूर्वजों के नाम पर दर्ज है, उन्हें परिमार्जन प्रक्रिया के माध्यम से जमीन अपने नाम पर दर्ज करानी होगी, तभी फार्मर आईडी बन पाएगी और भविष्य में योजना का लाभ मिलता रहेगा।
वंशावली के आधार पर फार्मर आईडी पर चर्चा
केंद्र सरकार के नए नियमों के बाद यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनकी जमीन आज भी उनके दादा-परदादा या अन्य पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। ऐसे किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना मुश्किल हो गया है, जिस कारण पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भविष्य में रुक सकता है। इसी समस्या को देखते हुए वंशावली के आधार पर फार्मर आईडी बनाने को लेकर चर्चा शुरू हुई है।
संसद और विभिन्न स्तरों पर यह मुद्दा उठाया गया है कि लगभग 90 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन पूर्वजों के नाम पर है। प्रस्ताव यह है कि यदि किसान अपने पूर्वजों की वंशावली से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो अधिकारियों द्वारा उसकी जांच कर फार्मर आईडी बनाने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर कोई स्पष्ट निर्णय लिया जा सकता है, जिससे किसानों को राहत मिल सके।
परिमार्जन प्रक्रिया को लेकर नया निर्देश
बिहार भूमि सुधार विभाग की ओर से किसानों की जमीन रिकॉर्ड में बदलाव (परिमार्जन) से जुड़ी परिमार्जन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब हर अंचल कार्यालय और संबंधित अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि किसानों द्वारा दिए गए परिमार्जन आवेदन को शीघ्रता से निपटाया जाए और उसे जल्द से जल्द अप्रूव कर दिया जाए।
सरकार का कहना है कि जिन किसानों की जमीन अभी भी उनके पूर्वजों के नाम पर दर्ज है, उनके परिमार्जन के माध्यम से जमीन अपने नाम पर दर्ज कराना जरूरी है, ताकि वे भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य लाभ प्राप्त कर सकें।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि परिमार्जन प्लस आवेदन को 15 से 20 दिनों के भीतर देखा जाएगा और उसके बारे में किसानों को जरूरी सूचना भी प्रदान की जाएगी। यह कदम किसानों को जमीन रिकॉर्ड सही करने में मदद करेगा और योजना की पात्रता सुनिश्चित करेगा।
इस नए निर्देश से ग्रामीण अंचलों में परिमार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी, जिससे किसानों को दस्तावेज संबंधी समस्याओं का समाधान पहले से अधिक प्रभावी रूप से मिल सकेगा।
आगे किसानों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
आने वाले समय में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ जारी रखने के लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण बातों पर विशेष ध्यान देना होगा। सबसे पहले, जिन किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उन्हें जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कराना चाहिए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनकी जमीन की जमाबंदी सही तरीके से उनके नाम पर दर्ज हो और लगान रसीद नियमित रूप से कट रही हो।
जिन किसानों की जमीन अभी भी पूर्वजों के नाम पर दर्ज है, उन्हें परिमार्जन प्रक्रिया के माध्यम से जमीन अपने नाम पर कराने की तैयारी करनी चाहिए। जब तक किसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक लाभ मिल सकता है, लेकिन जैसे ही यह प्रक्रिया 100 प्रतिशत पूरी हो जाएगी, अपात्र या गलत दस्तावेज वाले लाभुकों की किस्त रोकी जा सकती है।
इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे सरकारी निर्देशों पर नजर रखें, समय रहते जरूरी दस्तावेज अपडेट कराएं और किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही निर्णय लें, ताकि भविष्य में योजना का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे।